जंतर-मंतर पर गूंजी थाली-चम्मच की आवाज: NEET पेपर लीक के खिलाफ Cockroach Janta Party (CJP) का दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन
हुए।इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने छात्रों से एक खास अपील की थी, जिसके बाद सभी छात्र अपने हाथों में थाली और चम्मच लेकर पहुंचे थे।
थाली और चम्मच बजाकर सरकार को जगाने की कोशिश
जंतर-मंतर पर आज का नजारा बेहद अलग और प्रतीकात्मक था। हजारों छात्रों ने एक साथ थाली और चम्मच बजाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब सरकार कोरोना महामारी के समय थाली बजवा सकती है, तो देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य पर लगी इस महामारी (पेपर लीक) को देखने के लिए उनकी आंखें क्यों नहीं खुल रही हैं?
भारी पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई। 'ना अपमान, ना अत्याचार - अब होगा हमारा अधिकार' के नारों से पूरा जंतर-मंतर गूंज उठा।
पीएम मोदी को खुला पत्र: ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
आंदोलन के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक और सख्त खुला पत्र (Open Letter) लिखा है। इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि:
1. नीट परीक्षा के भारी मानसिक तनाव के कारण जिन 11 से 12 छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को सरकार ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दे।
2. बार-बार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के जीवन से खिलवाड़ की पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से बर्खास्त (Sack) किया जाए।
क्या है आगे की रणनीति?
अभिजीत दिपके ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं है। जब तक सरकार पेपर लीक माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई नहीं करती और शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक देश के युवाओं का यह 'परिवर्तन आंदोलन' थमेगा नहीं। पुणे, लखनऊ, बेंगलुरु और मुंबई के बाद अब दिल्ली का यह जंतर-मंतर आंदोलन इस लड़ाई का टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है।
निष्कर्ष (Conclusion)
देश का भविष्य कहे जाने वाले युवा आज अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर थाली बजाने को मजबूर हैं। अब देखना यह है कि जंतर-मंतर से उठी यह थाली-चम्मच की गूंज क्या सरकार के कानों तक पहुंच पाती है या छात्रों को अपनी मांगों के लिए और लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।
आपकी क्या राय है?
क्या शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए? इस पूरे मामले पर आपके क्या विचार हैं, नीचे Comment करके जरूर बताएं और इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने दोस्तों के साथ WhatsApp पर जरूर Share करें!

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